
मंडी। जिले में सरकारी स्कूलों के बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित मेधावी छात्रवृत्ति परीक्षा के एक केंद्र में एक भी बच्चा परीक्षा देने नहीं पहुंचा। हालांकि जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) मंडी ने इस परीक्षा की पहले ही सूचना दे रखी थी। बावजूद इसके बच्चों ने परीक्षा देने में रुचि नहीं दिखाई। मामला राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक छात्र पाठशाला सरकाघाट के केंद्र का है। यहां करीब 110 बच्चों ने परीक्षा देनी थी लेकिन बच्चे छात्रवृत्ति परीक्षा देने नहीं आए।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) मंडी की ओर से शुक्रवार को मेधावी छात्रवृत्ति परीक्षा ली गई। जिले के करीब चार हजार छात्र परीक्षा देने बैठे थे। परीक्षा के लिए जिले में 21 केंद्र बनाए गए थे लेकिन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक छात्र स्कूल सरकाघाट केंद्र में एक भी विद्यार्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचा। बाकी सभी 20 केंद्रों में मेधावी विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति परीक्षा दी। छात्र पाठशाला सरकाघाट केंद्र में परीक्षा लेने के लिए तैनात स्टाफ विद्यार्थियों का इंतजार ही करते रह गए। इस केंद्र पर 110 बच्चों ने छात्रवृत्ति परीक्षा देनी थी लेकिन एक भी विद्यार्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचा।
सरकार की ओर से पांचवीं कक्षा के मेधावी बच्चों को सालाना आठ सौ रुपये छात्रवृत्ति दी जाती है। यह छात्रवृत्ति तीन साल तक मिलती है। परीक्षा में केवल पांचवीं कक्षा में बी प्लस से ऊपर का ग्रेड प्राप्त करने वाले बच्चे ही बैठ सकते हैं। हालांकि कुछ केंद्रों पर डाइट की ओर से जारी लिस्ट से ज्यादा बच्चे भी परीक्षा देने पहुंचे थे। छात्र पाठशाला सरकाघाट के प्रधानाचार्य राकेश तपवाल ने बताया कि छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए स्टाफ तैनात था। लेकिन एक भी विद्यार्थी परीक्षा देने नहीं आया। केंद्र में 110 बच्चों ने परीक्षा देनी थी।
शायद अवकाश रही हो वजह
डाइट के प्राचार्य मोहिंद्र पाल ने कहा कि सरकाघाट केंद्र से बच्चों के परीक्षा न देने के बारे में सूचना मिली है। शुक्रवार को अवकाश होने के कारण बच्चों के परीक्षा न देना कारण हो सकता है।
